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🐄 जीव सेवा 🐄 - Premium Profile
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SANATAN SEVA
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🐄 जीव सेवा 🐄

⚜️ करुणा ही धर्म है । सेवा ही सौभाग्य है ⚜️
पूज्य सद्गुरुदेव स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज

अनंत श्री विभूषित आनंद पीठाधीश्वर पूज्य सच्चिदानंदाचार्य श्री सच्चिदानंद जी महाराज

⚜️ संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष — सनातन सेवा समिति ⚜️

🎯 जीव सेवा के पावन संकल्प एवं लक्ष्य (संक्षिप्त रूपरेखा)

🐄
गौ सेवा एवं सुरभि संवर्धन नित्य गौ-ग्रास, चारा, आश्रय व चिकित्सा
🕊️
पक्षी दाना-पानी परिंडा सेवा ग्रीष्म में जल पात्र व नित्य अन्न व्यवस्था
🐟
जलचर रक्षा व नदी-सरोवर शुद्धि मछलियों को आहार व प्लास्टिक-कचरा मुक्ति
🐕
श्वान व बेसहारा पशु संरक्षण सड़क पशुओं हेतु आहार, उपचार व एम्बुलेंस
🐜
चींटी व सूक्ष्म जीव अन्नदान कण-कण में नारायण भाव व अहिंसा व्रत
🚑
आपातकालीन पशु-पक्षी चिकित्सा घायल मूक जीवों का तत्काल रेस्क्यू व इलाज
"सिया राम मय सब जग जानी ।
करहुँ प्रनाम जोरि जुग पानी ॥"
(ईश्वर केवल मनुष्यों में ही नहीं, अपितु संसार के प्रत्येक मूक व बेजुबान जीव के भीतर साक्षात् विराजमान हैं।)

🎥 जीव सेवा महाअभियान परिचय वीडियो दर्शन 🎥

🚩 पूज्य महाराज जी का महासंकल्प : मूक प्राणियों की रक्षा ही सच्ची पूजा

वे केवल एक नाम नहीं, अपितु करुणा, प्राणिमात्र के प्रति अगाध दया और जीव सेवा के वह दिव्य प्रकाश स्तंभ हैं, जो अपने आचरण, साधना और प्रेरणादायी संदेशों के माध्यम से संपूर्ण समाज को मूक प्राणियों, पशु-पक्षियों और जलचरों की रक्षा व सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं।

पूज्य महाराज जी का पावन संकल्प : सनातन सेवा समिति के माध्यम से सृष्टि के हर उस जीव की रक्षा और सेवा करना है जो अपनी पीड़ा बोलकर व्यक्त नहीं कर सकता। समाज में कोई भी पशु, पक्षी या बेजुबान प्राणी भूख, प्यास, गंदगी या क्रूरता का शिकार न हो। आपका जीवन मूक प्राणियों के अधिकार, चिकित्सा, आहार व्यवस्था और सनातन धर्म के दया भाव को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समर्पित है।

🐾 जीव सेवा के प्रमुख आयाम (मूक सृष्टि का संरक्षण)

🐄 1. गावो विश्वस्य मातरः : गौ माता की निरंतर सेवा व सुरभि संरक्षण

वेदों का उद्घोष है — "गावो विश्वस्य मातरः" अर्थात गौ माता संपूर्ण विश्व की माता हैं। उनके रोम-रोम में तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का वास है। समिति का संकल्प है कि सड़कों पर भटकने वाली, वृद्ध, निराश्रित या बीमार गौ माता के लिए निरंतर हरे चारे, शुद्ध जल, सुरक्षित गोशाला और उत्तम चिकित्सा की व्यवस्था की जाए। हर सनातनी को अपने घर की पहली रोटी गौ माता के लिए निकालने के पावन नियम से जोड़ना हमारा कर्तव्य है।

🕊️ 2. पक्षी सेवा : आकाश के सतरंगे पंखों को दाना-पानी व परिंडा संबल

भयंकर ग्रीष्मकाल और बदलते मौसम में नन्हे पक्षी दाने व एक-एक बूँद पानी के अभाव में दम तोड़ देते हैं। सनातन सेवा समिति प्रत्येक परिवार को यह संस्कार देती है कि वे प्रतिदिन अपने घरों की छतों, बाल्कनी व वृक्षों पर पक्षियों के लिए अनाज/दाना डालें और मिट्टी के पात्रों (परिंडों) में नित्य शीतल व स्वच्छ जल रखें। पतंग के मांझे या आंधी-तूफान से घायल पक्षियों का तुरंत उपचार कर उन्हें नवजीवन दिया जाता है।

🌊🐟 3. जलचर रक्षा, नदियों-सरोवरों की शुद्धि एवं प्रदूषण मुक्ति

हमारे शास्त्रों में 'मत्स्य' अवतार को साक्षात् भगवान नारायण का प्रथम स्वरूप माना गया है। आज नदियों, तालाबों और सरोवरों में जिस प्रकार प्लास्टिक, थैलियां, रासायनिक कचरा और अपशिष्ट फेंका जा रहा है, उससे मूक जलचर तड़प-तड़प कर प्राण त्याग रहे हैं। समिति का संकल्प है कि जलाशयों की नियमित स्वच्छता की जाए, नदियों में प्लास्टिक व अपशिष्ट डालने पर रोक लगाने हेतु जनजागरण किया जाए, तथा मछलियों व अन्य जलचरों के लिए नित्य आटे की गोलियां व पौष्टिक भोजन अर्पित किया जाए ताकि जल का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) अक्षुण्ण रहे।

🐕 4. श्वान, नंदी महाराज एवं अन्य बेसहारा जानवरों की सुरक्षा

सनातन परंपरा में श्वान को साक्षात् भैरव बाबा की सवारी तथा नंदी को देवाधिदेव महादेव का वाहन माना गया है। भीषण ठंड, बरसात या चिलचिलाती धूप में इन बेजुबानों को सुरक्षित आश्रय देना, नित्य भोजन/रोटी उपलब्ध कराना तथा सड़क दुर्घटना या गंभीर बीमारी में तड़प रहे मूक पशुओं के लिए तत्काल प्राथमिक उपचार, दवाइयां व एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराना इस अभियान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

🐜 5. सूक्ष्म जीव, चींटी आहार एवं प्रकृति में अहिंसा की पुनर्स्थापना

सनातन संस्कृति सूक्ष्म से सूक्ष्म जीव के प्रति भी संवेदनशील है। वृक्षों की जड़ों में चींटियों के लिए शक्कर मिश्रित आटा (कसार) डालना, खेतों व जंगलों में छोटे प्राणियों के लिए जल-कुंड बनाना और 'अहिंसा परमो धर्मः' के मूलमंत्र को जीवन में उतारना ही जीव सेवा का वास्तविक स्वरूप है। यहाँ 'जीव सेवा' का अर्थ मनुष्य नहीं, अपितु ईश्वर की बनाई वह मूक प्राणि-सृष्टि है जो स्वयं अपना भोजन या दवा नहीं मांग सकती।

📸 जीव सेवा पावन चित्र दर्शन दीर्घा

"हर व्यक्ति जीव दया से जुड़े ।
हर परिवार पशु-पक्षी सेवा से जुड़े ।
हर हृदय बेजुबानों के अधिकार से जुड़े ।"
📅 फिलहाल कोई कार्यक्रम उपलब्ध नहीं है।

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⚜️ करुणा ही धर्म है । सेवा ही सौभाग्य है ⚜️

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सुरभिमयी वातावरण: गौशाला में गोमाता और गोवंश के दिव्य दर्शन
गौशाला परिसर से गोमाता और नन्हे गोवंश की अत्यंत मनमोहक एवं पावन छवियाँ। जहाँ गोवंश का वास होता है, वहाँ स्वतः ही सकारात्मक ऊर्जा, शांति और दिव्यता का संचार होने लगता है। गौशाला केवल एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि मूक जीवों के लिए प्रेम, वात्सल्य और सुरक्षा का एक पावन तीर्थ है। सभी गोभक्तों के सहयोग और सेवा से यह तीर्थ निरंतर आलोकित है। गोमाता के श्रीचरणों में अनंत कोटि प्रणाम। ???✨
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⚜️ करुणा ही धर्म है । सेवा ही सौभाग्य है ⚜️

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क्रूरता के विरुद्ध करुणा | घायल नंदी महाराज का उपचार
धारदार हथियार के हमले से पैर और शरीर पर गंभीर घाव झेल रहे नंदी महाराज का मौके पर तत्काल उपचार एवं ड्रेसिंग। मूक पशुओं पर अत्याचार अत्यंत निंदनीय है; सेवाभावी टीम द्वारा दर्द से कराहते जीव को नया जीवन देने का विनम्र प्रयास। सेवा परमो धर्मः। ??❤️
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तत्काल उपचार | दुर्घटना में घायल गौमाता की सेवा
सड़क दुर्घटना में घायल हुई गौमाता को मौके पर ही प्राथमिक उपचार, दवा और मरहम-पट्टी उपलब्ध कराने की कुछ झलकियाँ। मूक प्राणियों के कष्ट को हरना ही सच्ची सेवा और धर्म है। गौ माता की जय! ??❤️
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अंधेरी रातों में सेवा की रोशनी: सड़क किनारे बेसहारा गोवंश को रात्रि चारा सेवा
दिन के कोलाहल के बाद रात के सन्नाटे में सड़क किनारे बैठे बेसहारा गोवंश की भूख मिटाने हेतु समर्पित गौसेवकों द्वारा विशेष रात्रि चारा अभियान चलाया गया। भोजन की तलाश में सड़कों पर भटकने वाले इन मूक जीवों को हरा चारा और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें न केवल तृप्ति मिली बल्कि रात्रि में भोजन की तलाश में होने वाली दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम हुआ। बिना किसी दिखावे के, निस्वार्थ भाव से की गई यह रात्रि सेवा ही सनातन धर्म की सच्ची जीव दया है। गोमाता की जय! ????
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मूक जीव की रक्षा: जीव सेवा टीम द्वारा गौवंश का जटिल उपचार एवं टांके
एक गौवंश गहरे और खुले घाव के कारण अत्यधिक रक्तस्राव और भीषण पीड़ा से जूझ रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जीव सेवा टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। घाव को पूरी तरह संक्रमणमुक्त और स्वच्छ करने के उपरांत कुशल हाथों से टांके (suturing) लगाए गए और आवश्यक एंटीबायोटिक व दर्द निवारक दवाइयाँ दी गईं। टीम की त्वरित तत्परता और निस्वार्थ सेवाभाव से मूक जीव को असहनीय कष्ट से राहत मिली। बेजुबानों की रक्षा और सेवा ही हमारा परम कर्तव्य है। गौ माता की जय! ????✨
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मूक जीव की रक्षा: भीषण हादसे में घायल नंदी का जीव सेवा टीम द्वारा तत्काल उपचार
सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल नंदी महाराज (सांड) की स्थिति अत्यंत चिंताजनक थी। कान, आँख, पेट और पैर पर गहरे व गंभीर घाव हो चुके थे, जिससे वह असहनीय पीड़ा में तड़प रहा था। सूचना मिलते ही जीव सेवा टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुँचकर मोर्चा संभाला। घावों की गहन सफाई, एंटीसेप्टिक ड्रेसिंग और दर्द निवारक दवाओं के माध्यम से मूक प्राणी को तुरंत राहत पहुँचाई गई। टीम के त्वरित प्रयास और समर्पण ने इस बेजुबान को नया जीवन देने की दिशा में संबल प्रदान किया। जीव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है। ????✨
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तत्परता और करुणा | घायल श्वान का रेस्क्यू एवं उपचार
एक्सीडेंट में चोटिल हुए बेसहारा श्वान को देखते ही तुरंत मौके पर प्राथमिक उपचार व मरहम-पट्टी करने की कुछ झलकियाँ। दर्द में कराहते मूक प्राणी की सेवा कर उसे राहत पहुंचाना ही सबसे बड़ा धर्म है। ??✨
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मूक जीव के प्रति करुणा | सब्जी मंडी, मुरैना
बचपन से पैर में बंधे कपड़े के कारण भीषण कष्ट झेल रहे गौवंश का पूज्य गुरुदेव एवं सहयोगियों द्वारा रेस्क्यू। नियंत्रित करके पैर में धंसी पट्टी को काटकर मूक प्राणी को वर्षों के दर्द से मुक्ति दिलाई गई। जीव दया ही परमो धर्म है। ??❤️
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दर्द से राहत: जब इंसानियत जाग उठी
आज एक भारी वाहन की चपेट में आने से यह बेज़ुबान गौ वंश गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके शरीर पर लगे गहरे घाव (जैसा कि पहली तस्वीर में दिख रहा है) इसकी असहनीय पीड़ा को बयां कर रहे थे। सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुँची और बिना समय गंवाए इसका प्राथमिक उपचार शुरू किया। घावों को साफ कर मरहम-पट्टी की गई है और आवश्यक दवाएं दी गई हैं।
'सेवा परमो धर्मः' – इस बेज़ुबान के दर्द को कम करने और इसे नया जीवन देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसकी जल्द स्वस्थ होने की कामना करें।
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गोवंश संग आत्मीय क्षण | सेवा और आनंद
गोवंश के साथ दुलार, अपनत्व और निश्छल प्रेम के कुछ पावन पल। जहाँ गोमाता का वास है, वहीं सच्ची सुख-शांति और आनंद है। जय गोमाता! ?❤️?
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माँ विहीन नन्हे बछड़े को मिला नया जीवन
जन्म के उपरांत माँ के न रहने पर नन्हे गोवंश को बेबी बॉटल से दूध पिलाकर दुलार और संरक्षण देते हुए। करुणा, ममता और सेवा का एक अत्यंत मार्मिक व पावन दृश्य। गौ सेवा परमो धर्मः। ?❤️?
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समर्पण और करुणा: गौसेवकों द्वारा निरंतर गौसेवा एवं उपचार
सड़क पर अस्वस्थ और चोटिल अवस्था में मिले गौवंश की पीड़ा को समझकर समर्पित गौसेवकों द्वारा तुरंत प्राथमिक उपचार, मरहम-पट्टी और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई। बिना किसी स्वार्थ के मूक जीवों के दर्द को बाँटना और उनकी सेवा में तत्पर रहना ही सनातन संस्कृति का सच्चा मूलमंत्र है। गौसेवा में जुटे सभी कर्मठ साथियों का यह प्रयास समाज के लिए एक पावन प्रेरणा है। गौ माता की जय! ???
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मूक जीव की सेवा: घायल नंदी का रेस्क्यू एवं गौशाला में उपचार
सड़क पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले नंदी (सांड) को सुरक्षित रेस्क्यू कर गौशाला लाया गया। यहाँ उसके घावों की समुचित मरहम-पट्टी, दवाइयों और चारे-पानी की उत्तम व्यवस्था की गई। बेसहारा और पीड़ित गोवंश की सेवा कर उन्हें नया जीवन देना ही हमारे आश्रम का परम कर्तव्य और धर्म है। प्रभु कृपा से नंदी महाराज अब सुरक्षित और स्वस्थ हो रहे हैं। ???
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जीव दया और करुणा: सब्जी मंडी (मुरैना) में पूज्य गुरुदेव द्वारा गौवंश का उद्धार
मुरैना की सब्जी मंडी में एक गौवंश (सांड) अत्यंत गंभीर पीड़ा से जूझ रहा था। बचपन में उसके पैर में बंधा कपड़ा बड़े होने के साथ मांस और हड्डी तक में धंस चुका था, जिससे वह असहनीय कष्ट में था। पूज्य गुरुदेव की दृष्टि जैसे ही इस मूक जीव के दर्द पर पड़ी, उन्होंने तुरंत सहयोगियों को एकत्र किया। भारी मशक्कत के बाद गौवंश को सुरक्षित व नियंत्रित तरीके से बैठाया गया और उस धंसे हुए कपड़े व पट्टी को काटकर उसका उपचार किया गया। करुणा और जीव रक्षा का यह प्रत्यक्ष उदाहरण हम सभी को मूक जीवों की सेवा की प्रेरणा देता है। गौ माता की जय! ???✨
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⚜️ करुणा ही धर्म है । सेवा ही सौभाग्य है ⚜️

॥ ग्यावः विश्वस्य मातरः ॥
"गावो विश्वस्य मातरः" — अर्थात गौ माता ही संपूर्ण जगत की जननी हैं। वे केवल एक पशु नहीं, बल्कि साक्षात धर्म का आधार और हमारी संस्कृति की धुरी हैं।
आज, जब गौ माता पर चारों ओर अत्याचार हो रहे हैं, जब सड़कों पर उनकी करुण पुकार अनसुनी की जा रही है, तो क्या एक सनातनी के रूप में हमारा हृदय नहीं कांपता? समय आ गया है कि हम अपनी जड़ो की ओर लौटें और अपनी माता की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध हों।
परम पूज्य सद्गुरुदेव श्री सच्चिदानंद जी महाराज (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सनातन सेवा समिति) का पावन संकल्प है कि गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाना है। महाराज जी का यह दिव्य लक्ष्य केवल एक मांग नहीं, बल्कि सनातन धर्म की अस्मिता की पुनः स्थापना है।
पूज्य महाराज श्री का पावन उपदेश:
"गौ माता की सेवा ही साक्षात माधव की सेवा है। जिस राष्ट्र में गौ माता सुरक्षित नहीं, वहां की संस्कृति और संस्कार कभी सुरक्षित नहीं रह सकते। आइए, इस महायज्ञ में सहभागी बनें और गौ माता को उनका खोया हुआ गौरव वापस दिलाएं।"
॥ गावो रक्ष्यन्तां पदं धारयन्तु ॥
(गायों की रक्षा करो, उनका सम्मान बनाए रखो)
॥ माता रुद्राणां दुहिता वसूनां स्वसादित्यानाममृतस्य नाभिः ॥
(गौ माता रुद्रों की माता, वसुओं की पुत्री, आदित्यों की बहन और अमृत का केंद्र हैं।)
आज ही इस पवित्र अभियान से जुड़ें। अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाएं और महाराज जी के इस राष्ट्रव्यापी संकल्प को पूर्ण करने में अपना योगदान दें।
? महाराज जी के संकल्प से जुड़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें:
dg.dgmine.in/sss.php
? अधिक जानकारी एवं जुड़ने के लिए संपर्क करें:
94257 39360
— सनातन सेवा समिति
श्री श्री 1008 अनंत श्री विभूषित पूज्य सच्चिदानंदचार्य, आनंद पीठाधीश्वर, परम पूज्य सद्गुरुदेव श्री सच्चिदानंद जी महाराज के सानिध्य में ।

कार्यकारिणी

Team
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कार्यकारिणी विवरण

इस सेक्शन में आपकी कार्यकारिणी के पदाधिकारी, सदस्य और उनके विवरण जोड़े जा सकते हैं।

दान विवरण

Transactions
📥
Prince chauhan जमा
ID: SSS0000088
+ ₹250.00
CASH • 31 Aug, 2026
🧾 रसीद
📥
Prince chauhan जमा
ID: SSS0000088
+ ₹250.00
CASH • 31 Jul, 2026
🧾 रसीद
📥
Mukund Mittal जमा
ID: SSS00000037
+ ₹2,100.00
CASH • 01 Jan, 2026
🧾 रसीद
📥
Ragna shukla जमा
ID: SSS0000079
+ ₹100.00
CASH • 01 Jan, 2026
🧾 रसीद
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