1. गौ शाला स्थापित करके गऊशाला की रक्षा करना एवं गाय के द्वारा प्रदत्त औषधीय पदार्थोंके द्वारा निरोग्यता प्राप्त करना ।
2. प्रकृति संरक्षण एवं सौदर्य बनाये रखने हेतु वृक्षारोपण करना एवं आयुर्वेद एवं स्वदेशी चिकित्सा पद्धति के विकास हेतु औषधीय वृक्षारोपण एवं खेती आदि कार्यक्रमों का आयोजन करना ।
3.समाज में फैली कुरीतियों पर जैसे बाल विवाह, मांस – मदिरा सेवन, नशीले पदार्थों का सेवन करना, दहेजप्रथा पर रोक लगाना, निरक्षरता को दूर करना, मृत्यु भोज व्यवस्था में सुधार करना, शादी विवाह में फिजूल खर्चा बंद कर सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी किये जाने बावत् प्रोत्साहित कर जन जागरूकता करना ।
4. समाज को एकता व अखण्डता बनाये रखने के लिये उचित मार्ग दर्शन द्वारा राष्ट्रीय पर्वों, जयंती, होली, दशहरा, दीपावली आदि जैसे त्यौहारों पर सद्भाव मिलन समारोह हेतु कार्यक्रमों का आयोजन करना ।
5. समाज को सुद्रण व मजबूत बनाने के लिये खंडित होकर फैले हुए घटकोंको सामूहिक रूपसे एकत्रित कर मंच पर लाकर अखिण्डत समाजका एकीकरण करना जैसे कार्य रहेगा ।
6. समाज द्वारा आधुनिक नवीन पद्धति के अनुसार स्कूल, वेसहारा, अनाथ, गरीब बच्चों व वृद्धों, विधवाओं को यथा योग्य सहायता देकर शिक्षा अध्ययन, पुर्नवास पठन – पाठन की पूर्ति हेतु कार्यक्रमों का आयोजन करना है ।
7. समाज द्वारा समय – समय पर समाज के पुरूषों, महिलाओं बालक बालिकाओं द्वारा समाज हित में, राज्य व राष्ट्रहित में किये गये उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुये सम्मानित करना व भविष्य में अच्छे कार्य करने के लिये प्रोत्साहित कर जन जागरूकता के कार्य करना ।
8. समाज द्वारा समय-समय पर सेमीनार कर, एकता शिविर, जन कल्याण राष्ट्रीय स्पृश्यता निवारण अभियान, विकलांग, निराश्रित सेवाश्रम, खेलकूद, महिलाओं के लिये केन्द्रीय समाज कल्याण व राज्य समाज कल्याण बोर्ड, भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, श्रम मंत्रालय की योजनांतर्गत कार्यक्रमों को आयोजित करना ।
9. समाज द्वारा समय-समय पर बुजुर्गों एवं बुजुर्ग महिलाओं के लिये धार्मिक आयोजन करना, धार्मिक यात्रा कराने में सहयोग करना शासन द्वारा संचालित धार्मिक यात्राओं में एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजनों करना ।
10. समाज की समिति द्वारा समाज में फैले नाना प्रकार की भ्रांतियां, कुरीतियां दूर कर बालक बालिकाओं, वृद्धों, विधवाओं, अनाथों का यथासंभव सहयोग करना जैसे कार्य होंगे ।
11. योग शिक्षा एवं प्रशिक्षण करना व स्वास्थय शिक्षा प्रदान करना एवं वैदिक पौराणिक शिक्षा प्रदान करना ।
12. निराश्रित, विकलांग, विधवा, असहाय, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले जरूरत मंदों के कल्याण सिलाई कढ़ाई, हस्तशिल्प, बुनाई, टायपिंग, कम्प्यूटर प्रशिक्ष, ब्यूटी पार्लर, पेन्टिंग आदि का शिक्षण एवं प्रशिक्षण देना जिससे उन्हें रोजगार की प्राप्ति हो सके तथा उनके पोषण आहार की व्यवस्था करना तथा उनके कल्याण हेतु अन्य योजनायें क्रियान्वित करना ।
13. वृद्धाश्रम, अधाश्रम एवं विशेष विद्यालयों का संचालन करना एवं साथ ही साथ महिला हिंसा, घरेलू हिंसा, बालिका भ्रूण हत्या आदि पर जनजागरूक करना प्रशिक्षण प्रदान करना ।
14. साक्षारता कार्यक्रम विद्यालयों की स्थापना, युवक युवतियों की सही दिशा देने हेतु उनमें राष्ट्रीय भावना भरने व समाज में आदर्श जीवन प्रस्तुत करने हेतु शिविर तथा प्रशिक्षण केम्प एवं प्रतियोगिता कार्यक्रम आदि का आयोजन करना।
15. बेरोजगारों के लिये सलाह केन्द्र खोलना तथा योग्य एवं दहेज विरोधी युवक-युवतियों का विवाह में सहयोग हेतु सलाह केन्द्र खोलना ।
16. अर्न्तराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न कल्याणकारी योजनायें को शासन द्वारा संचालित योजनाओं की शासन की सहायता द्वारा संचालित कर लोगों को उसका उचित लाभ पहुँचाना तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं की उन्हें जानकारी देने के लिये केम्प लगाना ।
17. कम्प्यूटर डिप्लोमा, डिग्री कोर्सों का संचालन, कम्प्यूटर सोफ्टवेयर एवं हार्डवेयर के प्रशिक्षण देना तथा कम्प्यूटर प्रशिक्षण कोर्सों का संचालन करना एवं शिक्षक प्रशिक्षण एवं व्यवसायिक शिक्षण प्रशिक्षण केन्द्रों का संचालन करना ।
18. आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास बालक-बालिकाओं के के लिये अलग-अलग संचालित करना । स्वास्थ्य परिवार नियोजन व परिवार परमार्श केन्द्र, महिला बाल स्वास्थ्य केन्द्र, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षणों केन्द्रों का संचालन करना ।
19. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अन्तर्गत परिवार नियोजन, पल्स पोलियो, टीकाकरण, एड्स जागरूकता स्थापना, रक्तदान शिविर तथा स्वच्छता अभियान का संचालन करना ।
20. शिक्षा का प्रचार प्रसार करना एवं महिला शिक्षा पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करना एवं समूहों के माध्यम से उनके स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण प्रदान करना ।