👤 🔐
🪇 आनंद लहरी 🪇 - प्रोफाइल
Cover Photo
Profile Photo विकल्प ▼
🌟 विस्तार से जानें

विशेष जानकारी

Maharaj Ji

श्री श्री 1008 अनंत श्री विभूषित परम पूज्य जगद्गुरु सच्चिदानंदाचार्य आनंद पीठाधीश्वर
परम पूज्य सद्गुरुदेव स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज

( संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष - सनातन सेवा समिति )

🚩 पूज्य महाराज श्री का दिव्य संकल्प एवं लक्ष्य

कलियुग के घोर संताप, अशांति और भटकाव से जन-जन को मुक्त कराकर "श्री आनन्द लहरी" के माध्यम से घर-घर हरिनाम संकीर्तन की पावन ज्योति प्रज्वलित करना। नई पीढ़ी में वैदिक संस्कार, समाज में निःस्वार्थ सेवा, आपसी समरसता और प्रत्येक हृदय को भगवद्-प्रेम के परमानंद से जोड़कर सनातन धर्म की दिव्य चेतना का जागरण करना ही इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।

“हरिनाम से हृदय जागरण, भक्ति से जीवन उत्थान।”

🎬 श्री आनन्द लहरी : पावन परिचय एवं संकीर्तन दर्शन

(वीडियो के माध्यम से श्री आनन्द लहरी के दिव्य स्वरूप और संकीर्तन प्रवाह को अनुभव करें)

🎶 श्री आनन्द लहरी : हरिनाम संकीर्तन का दिव्य महा-अभियान 🎶

हरेर्नाम हरेर्नाम हरेर्नामैव केवलम् ।
कलौ नास्त्येव नास्त्येव नास्त्येव गतिरन्यता ॥

कलियुग में यदि किसी साधन को समस्त वेदों, उपनिषदों, पुराणों और संत-महापुरुषों ने सर्वोच्च एवं सर्वसुलभ बताया है, तो वह केवल और केवल भगवान के पवित्र नामों का संकीर्तन है। श्री आनन्द लहरी उसी पावन दिव्य चेतना का जीवंत स्वरूप है। यह केवल एक धार्मिक मंडली या साधारण आयोजन नहीं है, अपितु यह कलियुग के ताप में झुलस रहे मानव मन पर अमृत बरसाने वाली वह अविरल आध्यात्मिक धारा है, जो नगर-नगर और ग्राम-ग्राम जाकर सनातन संस्कृति के संस्कारों की पुनर्स्थापना कर रही है।

कथा एवं प्रवचन सत्र - पूज्य महाराज श्री

श्रीमुख से कथा-प्रवचन एवं संकीर्तन की पावन अमृत वर्षा

जब व्यासपीठ से पूज्य सद्गुरुदेव स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज के श्रीमुख से ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का मर्म प्रस्फुटित होता है, तो श्रोताओं के हृदय की समस्त भ्रांतियाँ और सांसारिक क्लेश शांत हो जाते हैं। कथा और संकीर्तन का यह समन्वय मानव चेतना को भीतर से रूपांतरित कर देता है।

श्री रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज स्पष्ट घोषणा करते हैं —

कलियुग केवल नाम अधारा।
सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा॥

अर्थात कलियुग में कठिन तप, योग अथवा यज्ञ जनसाधारण के लिए संभव नहीं हैं; यहाँ केवल प्रेमपूर्वक हरिनाम का सुमिरन और गायन ही जीव को भवसागर से पार उतारने में पूर्ण समर्थ है। इसी सिद्धांत को व्यावहारिक धरातल पर उतारने के लिए श्री आनन्द लहरी का प्राकट्य हुआ है।

भक्ति रस में मग्न भक्त

श्री आनन्द लहरी के दिव्य संकीर्तन में परमानंद की अनुभूति

जब झांझ, मंजीरे, मृदंग और ढोलक की ताल पर सैकड़ों भक्त एक स्वर में “हरे राम हरे कृष्ण”, “सीताराम” और “श्री राधे” का उद्घोष करते हैं, तो व्यक्ति अपनी सुध-बुध खोकर उस असीम शांति का अनुभव करता है जिसकी खोज वह भौतिक संसार में करता रहा। भक्ति का यह परमानंद किसी जाति, वर्ग या उम्र के बंधन में नहीं बंधता; यहाँ आकर वृद्ध, युवा और बालक सभी ईश्वर के प्रेम में एकाकार हो जाते हैं।

नामापराधयुक्तानां नामान्येव हरन्त्यघम्।
अविश्रान्ति प्रयुक्तानि तान्येवार्थकराणि च॥

भगवान का पावन नाम समस्त पापों, अवसादों और नकारात्मकताओं को हरने वाला कल्पवृक्ष है। श्री आनन्द लहरी के आयोजनों में यह प्रत्यक्ष देखा जाता है कि कैसे संकीर्तन के माध्यम से परिवारों में कलह समाप्त होकर स्नेह का वातावरण बनता है, युवाओं की दिशाहीनता मिटती है और वे व्यसनों से दूर होकर धर्म एवं राष्ट्र-सेवा के पथ पर अग्रसर होते हैं।

विशाल जनसमूह - संकीर्तन सभा दर्शन

हरिनाम संकीर्तन महायज्ञ में उमड़ा अपार जनसैलाब

सभामंडप में जब विशाल जनसमूह एक साथ हाथ उठाकर प्रभु नाम की जयकार करता है, तब वह दृश्य एक अलौकिक महायज्ञ का स्वरूप ले लेता है। शास्त्रों का मत है कि जहाँ भगवद्-नाम का सामूहिक कीर्तन होता है, वहाँ का संपूर्ण वातावरण स्वतः सिद्ध, पवित्र और नकारात्मक शक्तियों से मुक्त हो जाता है।

जहाँ हरिनाम है वहाँ साक्षात् गोविंद हैं। जहाँ गोविंद हैं वहाँ कृपा है। जहाँ कृपा है वहाँ शांति है। और जहाँ शांति है, वहीं "आनन्द लहरी" का वास्तविक निवास है।

राम नाम मणि दीप धरु जीह देहरी द्वार।
तुलसी भीतर बाहेरहुँ जौं चाहसि उजिआर॥

परम पूज्य सद्गुरुदेव स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज के पावन संरक्षण में सनातन सेवा समिति की यह अखंड साधना निरंतर गतिमान है। श्री आनन्द लहरी का प्रत्येक सत्र समाज के हर वर्ग को अपनी जड़ों, अपने गौरवशाली सनातन संस्कारों और प्रभु भक्ति से जोड़ने का एक महा-अनुष्ठान है।

आइए, पूज्य महाराज श्री के इस पावन संकल्प से जुड़कर अपने घर, नगर और हृदय में हरिनाम संकीर्तन की दिव्य ज्योति प्रज्वलित करें और जीवन को परम शांति एवं आनंद से परिपूर्ण बनाएं।
🪇 आनंद लहरी 🪇
⚜️ भजन में आनंद । कीर्तन में प्राण ⚜️
👉 अभी दान करें
📅 आगामी कार्यक्रम (Schedules)
गुरु पूर्णिमा महोत्सव
जय गुरुदेव
🗓️ दिनांक: 29 Jul, 2026 | ⏰ समय: 10:00:00 - 22:00:00
📍 स्थान: दाऊजी धाम मुरैना गांव, मुरैना , मध्य प्रदेश
✨ ।। आनंद लहरी ।। ✨ "भजन में आनंद, कीर्तन में प्राण" हरि नाम के संकीर्तन से ही जीवन में भक्ति का रस घुलता है। जैसा कि कहा गया है: कलौ संकीर्तनात्केशौ मुक्तसङ्गः परं व्रजेत्। अर्थात—कलयुग में भगवान के नाम का संकीर्तन ही मोक्ष का एकमात्र सरल मार्ग है। ?️ सनातन सेवा समिति का यही एकमात्र लक्ष्य है—जन-जन तक कीर्तन का आनंद पहुँचाना और हर हृदय में भक्ति का दीप जलाना। इसी पावन उद्देश्य के साथ, हमारी समिति इस कार्य को 'आनंद लहरी' के नाम से आगे बढ़ा रही है। ? कीर्तन केवल शब्दों का समूह नहीं, यह आत्मा का परमात्मा से मिलन है। यह वह औषधि है जो मन के विकारों को मिटाकर जीवन को आनंद से भर देती है। ? आइए, हमारे इस पावन अभियान का हिस्सा बनें! जुड़ने के लिए आज ही हमारी आधिकारिक सनातन सेवा समिति ऐप डाउनलोड करें और भक्ति की इस लहर में हमारे साथ शामिल हों: ? डाउनलोड यहाँ करें: sanatansevasamiti.org/app आइए, साथ मिलकर सनातन धर्म के इस महायज्ञ में सम्मिलित हो और जीवन को आनंद की इस पावन आनंद लहरी से जीवन धन्य बनाये । जय श्री कृष्ण! जय सनातन! ?✨
✨ ।। आनंद लहरी ।। ✨ "भजन में आनंद, कीर्तन में प्राण" हरि नाम के संकीर्तन से ही जीवन में भक्ति का रस घुलता है। जैसा कि कहा गया है: कलौ संकीर्तनात्केशौ मुक्तसङ्गः परं व्रजेत्। अर्थात—कलयुग में भगवान के नाम का संकीर्तन ही मोक्ष का एकमात्र सरल मार्ग है। ?️ सनातन सेवा समिति का यही एकमात्र लक्ष्य है—जन-जन तक कीर्तन का आनंद पहुँचाना और हर हृदय में भक्ति का दीप जलाना। इसी पावन उद्देश्य के साथ, हमारी समिति इस कार्य को 'आनंद लहरी' के नाम से आगे बढ़ा रही है। ? कीर्तन केवल शब्दों का समूह नहीं, यह आत्मा का परमात्मा से मिलन है। यह वह औषधि है जो मन के विकारों को मिटाकर जीवन को आनंद से भर देती है। ? आइए, हमारे इस पावन अभियान का हिस्सा बनें! जुड़ने के लिए आज ही हमारी आधिकारिक सनातन सेवा समिति ऐप डाउनलोड करें और भक्ति की इस लहर में हमारे साथ शामिल हों: ? डाउनलोड यहाँ करें: sanatansevasamiti.org/app आइए, साथ मिलकर सनातन धर्म के इस महायज्ञ में सम्मिलित हो और जीवन को आनंद की इस पावन आनंद लहरी से जीवन धन्य बनाये । जय श्री कृष्ण! जय सनातन! ?✨
✨ ।। आनंद लहरी ।। ✨ "भजन में आनंद, कीर्तन में प्राण" हरि नाम के संकीर्तन से ही जीवन में भक्ति का रस घुलता है। जैसा कि कहा गया है: कलौ संकीर्तनात्केशौ मुक्तसङ्गः परं व्रजेत्। अर्थात—कलयुग में भगवान के नाम का संकीर्तन ही मोक्ष का एकमात्र सरल मार्ग है। ?️ सनातन सेवा समिति का यही एकमात्र लक्ष्य है—जन-जन तक कीर्तन का आनंद पहुँचाना और हर हृदय में भक्ति का दीप जलाना। इसी पावन उद्देश्य के साथ, हमारी समिति इस कार्य को 'आनंद लहरी' के नाम से आगे बढ़ा रही है। ? कीर्तन केवल शब्दों का समूह नहीं, यह आत्मा का परमात्मा से मिलन है। यह वह औषधि है जो मन के विकारों को मिटाकर जीवन को आनंद से भर देती है। ? आइए, हमारे इस पावन अभियान का हिस्सा बनें! जुड़ने के लिए आज ही हमारी आधिकारिक सनातन सेवा समिति ऐप डाउनलोड करें और भक्ति की इस लहर में हमारे साथ शामिल हों: ? डाउनलोड यहाँ करें: sanatansevasamiti.org/app आइए, साथ मिलकर सनातन धर्म के इस महायज्ञ में सम्मिलित हो और जीवन को आनंद की इस पावन आनंद लहरी से जीवन धन्य बनाये । जय श्री कृष्ण! जय सनातन! ?✨
✨ ।। आनंद लहरी ।। ✨
"भजन में आनंद, कीर्तन में प्राण"
हरि नाम के संकीर्तन से ही जीवन में भक्ति का रस घुलता है। जैसा कि कहा गया है:
कलौ संकीर्तनात्केशौ मुक्तसङ्गः परं व्रजेत्।
अर्थात—कलयुग में भगवान के नाम का संकीर्तन ही मोक्ष का एकमात्र सरल मार्ग है। ?️
सनातन सेवा समिति का यही एकमात्र लक्ष्य है—जन-जन तक कीर्तन का आनंद पहुँचाना और हर हृदय में भक्ति का दीप जलाना। इसी पावन उद्देश्य के साथ, हमारी समिति इस कार्य को 'आनंद लहरी' के नाम से आगे बढ़ा रही है। ?
कीर्तन केवल शब्दों का समूह नहीं, यह आत्मा का परमात्मा से मिलन है। यह वह औषधि है जो मन के विकारों को मिटाकर जीवन को आनंद से भर देती है।
? आइए, हमारे इस पावन अभियान का हिस्सा बनें!
जुड़ने के लिए आज ही हमारी आधिकारिक सनातन सेवा समिति ऐप डाउनलोड करें और भक्ति की इस लहर में हमारे साथ शामिल हों:
? डाउनलोड यहाँ करें: sanatansevasamiti.org/app
आइए, साथ मिलकर सनातन धर्म के इस महायज्ञ में सम्मिलित हो और जीवन को आनंद की इस पावन आनंद लहरी से जीवन धन्य बनाये ।
जय श्री कृष्ण! जय सनातन! ?✨

कार्यकारिणी विवरण

(यहाँ आप अपनी इच्छा अनुसार कोड जोड़ सकते हैं)

दान विवरण

🔱 अभी दान करें (Donate Now) 🔱
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ Ss
मोड: DIRECT SEVA / VOLUNT | 🗓️ 07 Sep, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ २ ईंट
मोड: DIRECT SEVA / VOLUNT | 🗓️ 01 Sep, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹10.00 + चावल
मोड: PHYSICAL GRAIN | 🗓️ 01 Sep, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹10.00 + श्री आनन्द लहरी संकीर्तन सेवा
मोड: WALLET | 🗓️ 01 Sep, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹10.00 + श्री आनन्द लहरी संकीर्तन सेवा
मोड: WALLET | 🗓️ 01 Sep, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹10.00 + गेहूं
मोड: PHYSICAL GRAIN | 🗓️ 01 Sep, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹10.00 + श्री आनन्द लहरी संकीर्तन सेवा
मोड: WALLET | 🗓️ 01 Sep, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹10.00
मोड: WALLET | 🗓️ 31 Aug, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹50.00
मोड: WALLET | 🗓️ 31 Aug, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹101.00
मोड: WALLET | 🗓️ 31 Aug, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹101.00
मोड: WALLET | 🗓️ 31 Aug, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹101.00
मोड: WALLET | 🗓️ 31 Aug, 2026
🧾 रसीद
📥
Jay Mishra जमा (Credit)
ID: SSS00000010
+ ₹100.00
मोड: WALLET | 🗓️ 31 Aug, 2026
🧾 रसीद

संपर्क करें

📞 कॉल करें 📧 ईमेल करें
गृह गुरु परंपरा
पुस्तकें अकाउंट